नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास पार्टी का सबसे विवादित चेहरा बनते जा रहा हैं। कुमार विश्वास की भूमिका पार्टी में ठीक उसी तरह की बनती जा रहा हैं जो कांग्रेस में दिग्विजय सिंह की है। दोनों में कई समानताएं हैं। जिस तरह दिग्विजय सिंह बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं, विवादित बयान देकर अखबारों की सूर्खियों और टीवी चैनलों के स्क्रीन में बने रहते हैं ठीक उसी राह पर चलकर आप नेता कुमार विश्वास कवि से राजनेता बनते जा रहे हैं।
पार्टी के लिए मुसीबत बन चुके कुमार विश्वास आप के सबसे विवादित नेता हैं। अमेठी में जिस तरह से वो राहुल गांधी पर दहाड़ रहे थे, उससे तो यहीं लगा कि विश्वास आम आदमी पार्टी के दिग्विजय सिंह बन गए है। पार्टी नेता मल्लिका साराभाई ने भी माना कि कुमार विश्वास पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ने से पहले कुमार विश्वास की पहचान सिर्फ मंचीय कवि के तौर पर हुआ करती थी। दिल्ली के रामलीला मैदान में जन लोकपाल के लिए चलाए गए आंदोलन में वह जुड़े तो अन्ना हजारे के साथ थे, लेकिन कुछ समय बाद अरविंद केजरीवाल के कमांडर बन गए।
विश्वास को पार्टी में कोई पद हासिल नहीं है, बावजूद इसके वो टीम केजरीवाल के साथ हर सरकारी व गैर सरकारी घोषणाओं में नजर आ जाते है। ठीक वैसे ही जैसे दिग्विजय सिंह को आप देखते आये हैं।
'आप' में शामिल होने के बाद कुमार विश्वास के साथ पहला विवाद तब जुड़ा जब एक स्टिंग ऑपरेशन में विश्वास को कैश, हवाई जहाज बिजनेस क्लास का टिकट और फाइव स्टार होटल में कमरे की डिमांड करते दिखाया गया। इसके बाद जब से पार्टी ने ऐलान किया है कुमार विश्वास राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़ेंगे तबसे विश्वास लगातार विवादों में है। जडीयू विधायक शोएब इकबाल का मुद्दा हो या फिर इमाम हुसैन के बारे में अपमानजनक बातें, हर बार कुमार विश्वास के कारण आम आदमी पार्टी को अपमान का सामना करना पड़ा है।

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